up board class 9th hindi | सत्य/असत्य प्रश्न
up board class 9th hindi | सत्य/असत्य प्रश्न
सत्य/असत्य प्रश्न
प्रश्न-निम्नलिखित कथनों के सम्मुख पहचान कर सत्य/असत्य लिखिए―
1. (i) जयशंकर प्रसाद आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(ii) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी निबन्धकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। सत्य
(iii) रामचन्द्र शुक्ल कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iv) विनयमोहन शर्मा नाटककार के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
2. (i) गुलाबराय कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(ii) रामचन्द्र शुक्ल निबन्धकार और आलोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। सत्य
(iii) श्यामसुन्दर दास कथा-साहित्य-प्रणेता के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iv) प्रेमचन्द उपन्यास-लेखक के रूप में प्रसिद्ध हैं। सत्य
3. (i)डॉ.लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय कहानी-लेखक के रूप में प्रसिद्ध हैं असत्य
(ii) गुलाबराय समालोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iii) हजारीप्रसाद द्विवेदी प्रसिद्ध कहानीकार हैं। असत्य
(iv) जयशंकर प्रसाद का ऐतिहासिक नाटकों के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान है। सत्य
4. (i) ‘तितली’ प्रेमचन्द की प्रसिद्ध कहानी है। असत्य
(ii) ‘दक्षिण भारत की एक झलक विनय मोहन शर्मा कृत यात्रा-वृत्तान्त है। सत्य
(iii) ‘सूरज का सातवाँ घोड़ा’ श्रीराम शर्मा का निबन्ध संग्रह है। असत्य
(iv) ‘मेरा जीवन प्रवाह’ वियोगी हरि की आत्मकथा है। सत्य
5. (i) प्रेमचन्द प्रसिद्ध उपन्यासकार थे। सत्य
(ii) डॉ० रामकुमार वर्मा एकांकी नाटककार के रूप में प्रसिद्ध हैं । सत्य
(iii) डॉ० लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय प्रसिद्ध कहानीकार हैं। असत्य
(iv) ‘जीवन और शिक्षण’ काका कालेलकर की प्रसिद्ध रचना है। असत्य
6. (i) शुक्ल युग भक्ति सम्बन्धी रचनाओं की प्रधानता का युग माना जाता है। असत्य
(ii) शुक्ल युग हिन्दी गद्य को उत्कर्ष पर पहुंचाने वाला युग माना जाता है। सत्य
(iii) शुक्ल युग चिन्तन प्रधान रचनाओं का प्रारम्भिक युग माना जाता है। सत्य
(iv) शुक्ल युग भाषा के सुधार एवं परिष्कार का प्रारम्भिक युग माना जाता है। असत्य
7. (i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल एक प्रसिद्ध आलोचक हैं। सत्य
(ii) विनय मोहन शर्मा कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iii) श्री श्यामसुन्दर दास कहानी लेखक हैं। असत्य
(iv) ‘उर्वशी’ रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा लिखित निबन्ध-संग्रह है। असत्य
8. (i) ‘चिन्तामणि भाग-1’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध-ग्रन्थ है। असत्य
(ii) ‘सिद्धान्त और अध्ययन’ बाबू गुलाबराय का आलोचना ग्रन्थ है। सत्य
(iii) राजेन्द्र प्रसाद कवि रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iv) ‘अपनी खबर’ पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ की आत्मकथा है। सत्य
9. (i) श्रीराम शर्मा उपन्यासकार थे। असत्य
(ii) वियोगी हरि कवि रूप में प्रसिद्ध हैं। असत्य
(iii) वियोगी हरि गद्य गीतकार थे। सत्य
(iv) डॉ० रामकुमार वर्मा कहानीकार थे। असत्य
10. (i) भारतेन्दु आधुनिक गद्य के प्रवर्तक हैं। सत्य
(ii) प्रेमचन्द प्रसिद्ध निबन्धकार हैं। असत्य
(iii) ‘कंकाल’ महादेवी वर्मा की प्रसिद्ध कहानी है। असत्य
(iv) ‘सूर साहित्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित उत्कृष्ट आलोचना ग्रन्थ है।
सत्य
11. (i) श्यामसुन्दर दास प्रसिद्ध कवि हैं। असत्य
(ii) रामचन्द्र शुक्ल निबन्ध, समालोचना और इतिहास-लेखक के रूप में
प्रसिद्ध हैं। सत्य
(iii) प्रेमचन्द कवि के रूप में जाने जाते हैं। असत्य
(iv) ‘साहित्यावलोकन’ विनय मोहन शर्मा द्वारा लिखित निबन्ध-संग्रह है।सत्य
12. (i) श्यामसुन्दर दास प्रसिद्ध कवि थे। असत्य
(ii) विनय मोहन शर्मा नाटककार थे। असत्य
(iii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल निबन्धकार थे। सत्य
(iv) प्रतापनारायण मिश्र ‘नाटककार’ भी थे। सत्य
13. (i) मुंशी प्रेमचन्द एक अच्छे उपन्यासकार थे। सत्य
(ii) काका कालेलकर एक अच्छे कवि थे। असत्य
(iii) विनय मोहन शर्मा एक अच्छे नाटककार थे। असत्य
(iv) श्रीराम शर्मा एक अच्छे कहानीकार थे। सत्य
14. (i) श्रीराम शर्मा कवि के रूप में प्रसिद्ध है। असत्य
(ii) हजारीप्रसाद द्विवेदी हिन्दी के सुप्रसिद्ध समीक्षक और उच्चकोटि के
निबन्धकार थे। सत्य
(iii) ‘चाँद और टूटे हुए लोग’ प्रेमचन्द का प्रसिद्ध उपन्यास है। असत्य
(iv) जयशंकर प्रसाद प्रसिद्ध नाटककार थे। सत्य
15. (i) पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एक कुशल सम्पादक, श्रेष्ठ निबन्धकारऔर
विचारशील आलोचक थे। सत्य
(ii) ‘दृष्टिकोण’ विनय मोहन शर्मा का प्रसिद्ध निबन्ध-संग्रह है। सत्य
(iii) ‘हिमालय प्रवास’ काका कालेलकर का प्रसिद्ध निबन्ध-संग्रह है। असत्य
(iv) पं० रामचन्द्र शुक्ल एक श्रेष्ठ नाटककार थे। असत्य
16. (i) प्रेमचन्द कहानीकार और उपन्यासकार के रूप प्रसिद्ध है। सत्य
(ii) हजारीप्रसाद द्विवेदी कवि एवं कहानीकार हैं। असत्य
(iii) प्रतापनारायण मिश्र भारतेन्दु युग के लेखक हैं। सत्य
(iv) ‘सरस्वती’ का प्रकाशन धर्मवीर भारती ने किया है। असत्य
17. (i) श्रीराम शर्मा प्रसिद्ध कवि थे। असत्य
(ii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल साहित्येतिहासकार थे। सत्य
(iii) ‘कंकाल’ प्रतापनारायण मिश्र का प्रसिद्ध महाकाव्य है। असत्य
(iv) मुंशी प्रेमचन्द कहानीकार के रूप में प्रसिद्ध हैं। सत्य
18. (i) रामचन्द्र शुक्ल अपने समय के प्रसिद्ध नाटककार थे। असत्य
(ii) आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी निबन्धकार एवं आलोचक के रूप में
प्रसिद्ध हैं। सत्य
(iii) जयशंकर प्रसाद उच्चकोटि के छायावादी कवि, सफल नाटककार,
सुप्रसिद्ध उपन्यासकार और श्रेष्ठ निबन्धकार थे। सत्य
(iv) विनोबा भावे द्वारा लिखित ‘गीता प्रवचन’ एक उच्चकोटि का आलोचना
ग्रन्थ है। असत्य
19. (i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सहृदय कवि, कुशल समालोचक और उत्कृष्ट
निबन्धकार थे। सत्य
(ii) प्रेमचन्द एक प्रसिद्ध उपन्यासकार थे। सत्य
(iii) महादेवी की प्रसिद्ध रचना ‘गोदान’ है। असत्य
(iv) रामधारी सिंह ‘दिनकर’ आलोचक हैं। असत्य